भारत टैक्सी सारथियों और यूजर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा, वहीं सरकार ने महिलाओं के लिए भी इसमें विशेष सुविधा का ऐलान किया है. इस सहकारी कैब सर्विस के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ उनकी सुविधा और सुरक्षा का भी ख्याल रखा गया है.
Bharat Taxi Sarathi Didi देश की पहली को-ऑपरेटिव कैब सर्विस ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत हो गई है. बीते कल दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है. सरकार का दावा है कि, ‘भारत टैक्सी’ जीरो कमिशन मॉडल पर काम करेगा, इसमें ड्राइवरों को उनके हक का पूरा पैसा सीधे उनके खाते में जाएगा. इसके अलावा कैब यूजर्स को भी सर्ज प्राइसिंग, कैंसिलेशन और प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स की मनमानी से छुटकारा मिलेगा.
महिलाओं के लिए ख़ास सुविधा
जहां ‘भारत टैक्सी’ सारथियों और यूजर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा, वहीं सरकार ने महिलाओं के लिए भी इसमें विशेष सुविधा का ऐलान किया है. भारत टैक्सी सर्विस में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘सारथी दीदी’ जैसी पहल की गई है. जिनके तहत अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुकी हैं. आने वाले समय में ये संख्या और तेजी से बढ़ेगी. इसमें एक और बेहतर सुविधा ये होगी महिलाएं, अपनी यात्रा के लिए फीमेल राइडर्स का चुनाव कर सकती हैं. जो महिला सेफ्टी के लिए भी एक बेहतर कदम है. आमतौर पर महिलाएं, फीमेल राइडर्स के साथ ज्यादा सहज महसूस करती हैं.
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने लॉन्च के दौरान कहा कि, “भारत टैक्सी में हमने सारथी दीदी नाम से एक ख़ास फीचर को शामिल किया है, जिसके तहत आने वाले समय में ऐप में ‘सारथी दीदी’ के लिए एक अलग विंडो होगी, जिसके जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाली किसी भी महिला को केवल ‘सारथी दीदी’ ही पिक करने आएंगी. यहां पर ‘सारथी दीदी’ से मतलब महिला कैब ड्राइवर से है.
शाह ने कहा सारथी दीदी’ दो पहिया वाहन लेकर आएंगी और बहुत कम किराए में सुरक्षित रूप से डेस्टिनेशन तक पहुंचाएंगी.” उन्होंने कहा कि “यह सुविधा महिलाओं के लिए बहुत बड़ी और व्यावहारिक राहत साबित होगी. आने वाले दिनों में सारथी दीदी के माध्यम से देश की महिलाओं को एक सुरक्षित, किफायती और सम्मानजनक यात्रा का ऑप्शन मिलेगा.”
भारत टैक्सी में सेफ्टी का भी पूरा ख्याल रखा गया है. भारत टैक्सी के ऐप में SoS अलर्ट की सुविधा दी गई है. जिसके माध्यम से आपातकालीन स्थिति में तुरंत सुरक्षा और सहायता प्राप्त की जा सकती है. अभी दिल्ली-एनसीआर में 8 हेल्पलाइन और हेल्स सेंटर बनाए गए हैं और आने वाले समय में देशभर में ऐसे सेंटर बनाए जाएंगे. किसी भी शिकायत को 3 स्तरों से निपटाया जा सकेगा, ऐप के माध्यम से, वेबसाइट पर और टोल-फ्री नंबर के जरिए. इसके साथ ही कस्टमर केयर की भी सुविधा मिलेगी.
न टोल और न ही हिडेन चार्जेज